तुम बेपनाह

मुखड़ा 
तुम बेपनाह बरसी हो बूँद बनकरफिसलती हुई जिस्म की रूह मैं |
आलम है अब ये सोचा कुछ भी ना जाएतेरी आँखों मैं डूबता जा रहा मैं |
क्या ये सच हैख्वाब है या कोईबोल दो ना बोल दो ना | 2
तुम बेपनाह बरसी हो बूँद बनकर……
                                                                                             बोल- सुजाता देवराड़ी 
                                                                           
अंतरा 1
 
ओढ़ लूँ  तुमको मेंबनाके गर्म चादर। 
इस कदर टूट जाऊँ,  बाहों में आकर। 
सर्द  है ये हवायेंख़ामोश है ये जहाँ। 
मेरी ख़्वाहिश है अब येना रहे कोई दरमियाँ। 
एहसास कुछ अलग हैबस नहीं मेरा मुझपे अब है। 
क्या सच हैख़्वाब  है या कोईबोल दो ना …. बोल ना 
                                                                    बोल-   सुजाता देवराड़ी 
अंतरा 2 
काश कि लम्हें येयूं ही जाए ठहर। 
उम्रभर ख़त्म हो नातेरा- मेरा सफ़र। 
दिल कभी रहना चाहे आगोश में तेरी। 
फिर लगे सिमटे ऐसेखो जाएं तुझमें ही। 
ज़ज़्बात कुछ अलग है ये बर्फ़ है या आग है।  
क्या सच हैख़्वाब  है या कोईबोल दो ना …. बोल ना 
                                                             बोल-   विकास चौहान 
  
फिल्म- 72 आवर्स 
गायक & गायिका – मोहित चौहान और प्रियंका नेगी 
संगीत- संजोय बोस 
गीत के बोल- सुजाता देवराड़ी और विकास चौहान 
गीत जारी किया- टी सीरीज म्यूजिक कंपनी के द्वारा जनवरी 2019 में 
इस गीत को सुनकर आपको केसा लगा मुझे कमेंट करके जरूर बताएं।

हँसते, मुस्कुराते, स्वस्थ रहिये। ज़िन्दगी यही है।  

आप मुझसे इस आईडी पर संपर्क कर सकते हैं.
sujatadevrari198@gmail.com



© सुजाता देवराड़ी

                                                                  

Leave a Reply

%d bloggers like this: