दिल की आरज़ू

तेरा मन चंचल है मैं जानता हूँ। 
पर तू मेरी जात से वाकिफ़ न ही हो तो बेहतर है।।

हँसते, मुस्कुराते, स्वस्थ रहिये। ज़िन्दगी यही है। 

आप मुझसे इस आईडी पर संपर्क कर सकते हैं.
sujatadevrari198@gmail.com

© सुजाता देवराड़ी

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