Author: सुजाता देवराड़ी

सॉरी यार 2

शर्मनाक! गर्भवती हथिनी बनी हैवानियत का शिकार

सॉरी यार! हमारे बीच इस जहाँ में तुम्हारे हत्यारे भी रहते हैं।बेहद अफसोस और शर्मिंदगी। जब जानवर कोई इंसान को मारेकहते हैं दुनिया में वहशी उसे सारेएक जानवर की जान आज इंसानों ने ली...

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अनजाना रिश्ता

एक अनजाने रिश्ते की ख़ुशी और डर दोनों पनपने लगे हैं।सवाल -जवाब की उलझनें आपस में ख़ुद से ही झगड़ने लगें हैं।।जाने क्या मोड़ लेंगी राहें, ना उसको पता है ना कोई ख़बर मुझे।सही...

राजेन्द्र बडवाल जी 0

उत्तराखंडी हस्तशिल्प कला को आगे बढ़ाने में प्रयासरत राजेन्द्र बडवाल से एक मुलाकात

कुछ दिनों पहले मैंने रिंगाल पर एक पोस्ट साझा की थी जिसमें मैंने रिंगाल के विषय में चर्चा की थी। रिंगाल क्या है? उसकी उपयोगिता क्या है? उसको कैसे इस्तेमाल किया जाता है? उसे...

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खैर छोड़ो ये सब

सुनो! कभी -कभी  सोचता हूँ कुछ समय में  तुम किसी और की हो जाओगी, तो सब कैसे पलट जाएगा न । बेदर्द वक़्त ने हमें दूर करने का फरमान जो जारी कर दिया था।...

रिंगाल – Ringaal (Dwarf Bamboo) 3

रिंगाल – Ringaal (Dwarf Bamboo)

  उत्तराखंड के पहाड़ी गाँवों में ऐसी बहुत सी चीज़ें जैसे- विभिन्न प्रकार के वनस्पति, औषधियाँ, उपयोगी पेड़ पौधे, खनिज इत्यादि पाए जाते  हैं जिनसे हम परिचित तो होतें हैं पर दुनिया के बदलते...

यादें -ऋषि कपूर की - अलविदा Rishi Kapoor 2

यादें -ऋषि कपूर की – अलविदा Rishi Kapoor

ज़िंदगी का खेल कभी-कभी समझ के परे होता है जो ना सुख का हिस्सा होता है ना दुख का, बस अफ़सोस के ही इर्द गिर्द चक्कर लगाता है। कभी लगता है ये ज़िंदगी वाक़ई में दो दिन का खेल है जिसमें इंसान अपने हिस्से का अभिनय करके चला जाता है। रह जाती है तो सिर्फ यादें।

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बैसाखी मेला

 बैसाखी का त्यौहार आने वाला  हैं। मगर हर साल की तरह, इस बार ये त्यौहार पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाना संभव नहीं है। क्योंकि देश एक बहुत बड़े संकट से जूझ रहा है।...

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जलन- आप जल तो लोगे

हम लोग अपनी ज़िंदगी में कितने स्वार्थी क़िस्म  के हो गए हैं ना..? ये मेरा वो मेरा, इसका-उसका,  ये “मैं” नामक अहंकार हमको दिन ब दिन जकड़ते जा रहा रहा है। मुझे इतना चाहिए, मुझे...