Author: सुजाता देवराड़ी

शादी के बाद ज़िंदगी कैसी लगी? 0

शादी के बाद नई ज़िंदगी कैसी लगी?

मिला जुला एहसास था यार (मिक्स फीलिंग्स)। समझ ही नहीं आ रहा था कैसे नए लोगों के बीच खुद को मैनेज करूँगी। ऊपर से अपने माँ, बाबा, भाई, बहन और दोस्तों से अलग होने...

A New Friendship 2

एक नई दोस्ती

जरूरी नहीं कि प्यार सिर्फ दो लोगों के बीच हो। इश्क़ इश्क़ है किसी से भी हो सकता है। जैसे मुझे मुझसे और मुझसे जुड़ी उन तमाम चीजों से इश्क़ है जो मुझे पूरा...

पकौड़े - बरसात 2

बरसात ने जोड़ी नई याद

बहुत दिनों से गर्मी अपने उफ़ान पर थी कि अचानक बादलों ने बिना कोई शोर किये इस सूनी धरती को भिगोकर तर कर दिया। इन बारिश की बूँदों में वो तड़प थी कि अपने...

अलविदा 2022, सुस्वागतम 2023 0

अलविदा 2022, सुस्वागतम 2023

ख़त्म हो गया एक साल और शुरू हो गया नया सालकुछ ख्वाहिशें पूरी हुई और नई उम्मीदों का हुआ आगाज़।खट्टी मीठी यादों की बीत गई सब बातें, अब होगा नया अंदाज।रफ्ता रफ्ता ये गुजरेगा...

नया अनुभव- युवा सोच और नये विचारों के साथ अनिरुद्ध काला से हुई रु-बरु 0

नया अनुभव- युवा सोच और नये विचारों के साथ अनिरुद्ध काला से हुई रु-बरु

हमारी ज़िंदगी में अलग-अलग अनुभवों का होना हमें परिपक्वता की ओर बढ़ाते जाना होता है। भिन्न-भिन्न लोगों की भिन्न-भिन्न सोच से वाकिफ़ होना और उस सोच से हमें और आपको क्या ग्रहण करना है...

एक खत जिंदगी के नाम 0

एक पुराना खत जिंदगी के नाम

ज़िंदगी में कुछ चीजें कभी बदलती नहीं हैं। जैसे कि यह खत जो 2018 में मैंने ज़िंदगी के नाम लिखा था। आज फेसबुक ने याद दिलाया तो लगा कि यह तो आज भी प्रासंगिक...

किताब चर्चा: लौट आया नरपिशाच 3

सस्पेंस थ्रिल से भरपूर है लेखक देवेन्द्र प्रसाद का उपन्यास ‘लौट आया नरपिशाच’

किताब: लौट आया नरपिशाच | प्रकाशक: फ्लाईड्रीम्स प्रकाशन | पुस्तक लिंक: अमेज़न कहानी ‘लौट आया नरपिशाच’ एक केंद्र में एक ऐसा नरपिशाच है जिसका आतंक पिछले सौ सालों से चौहड़पुर नामक एक गाँव में...