Author: सुजाता देवराड़ी

आग की लपेटों में जलती प्रकृति और उसकी गोद में तड़पते बेज़ुबान जीव 0

आग की लपेटों में जलती प्रकृति और उसकी गोद में तड़पते बेज़ुबान जीव

क्या हालत हो गई है हमारे जंगलों की । उत्तराखंड में जगल बुरी तरह से जल कर राख हो रहे हैं। चारों तरफ आग देखकर ऑस्ट्रेलिया में हुए हादसे की दर्दनाक यादें मन को...

माँ का ख़याल(Maa Ka Khayal) 0

माँ का ख़याल(Maa Ka Khayal)

आज कुछ पल सुकून के बैठी तो ख़याल आया कि, अपनी माँ की एक पेंटिंग बनाऊँ। पर जैसे ही कलम हाथ में ली तो दिल ने आवाज दी, कि तुम माँ को चित्र में...

Gulabi Dhoop 1

गुलाबी धूप | हिन्दी कविता

ठिठुरती ठंड में तेरा गुलाबी धूप सा मुझे छूकर मेरे कानों में धीमें से मुझे पुचकारनाऔर कहना कि मुझे प्यार की बेल सा तुमसे लिपटना है। सिमटती रात में तेरे दहकते लबों का मुझे...

बस हम हो वहाँ | हिन्दी कविता | विकास नैनवाल 'अंजान' 1

बस हम हो वहाँ : विकास नैनवाल ‘अंजान’

एक मैं हूँएक तुम होऔर बस हम हों वहाँ न हो दिन की खबरन हो वक्त का पताबस एक दूसरे में डूबे हुए हमकुछ ऐसे हो जायेंजैसे हो जाती हैं दो नदियाँऔर बन जाता...

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स्वादिष्ट तिल के लड्डू

परिचय-हम लोग अक्सर अपने खाने के लिए बाज़ार से बनी चीज़ें खरीद कर लाते हैं जो बहुत ज्यादा महंगी होने के साथ साथ फायदेमंद भी नहीं होती है। मैं ये नहीं कहती कि बाज़ार...

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पंदेरा धार पंदेरा

पंदेरा धार पंदेराबहता जाए जल धार पंदेरातू चंचल, शांत, गुस्सेल कभीतू ही प्यास बुझाए धार पंदेराहे धार कहाँ उद्गम कहाँ अंत तेरादिखता कण कण में अंश तेराधरती की गोद में इठलाती हैपर्वत झरना झील...

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कैसे तैयार होता है एक गीत?

गीत संगीत का हमारी ज़िंदगी से जुड़ाव और लगाव एक अलग क़िस्म का होता है जिसे एक शब्द में बयाँ कर पाना मुश्किल है। वहीं इसी गीत संगीत की पसंद ना पसंद भी सबकी...