Author: सुजाता देवराड़ी

नया अनुभव- युवा सोच और नये विचारों के साथ अनिरुद्ध काला से हुई रु-बरु 0

नया अनुभव- युवा सोच और नये विचारों के साथ अनिरुद्ध काला से हुई रु-बरु

हमारी ज़िंदगी में अलग-अलग अनुभवों का होना हमें परिपक्वता की ओर बढ़ाते जाना होता है। भिन्न-भिन्न लोगों की भिन्न-भिन्न सोच से वाकिफ़ होना और उस सोच से हमें और आपको क्या ग्रहण करना है...

एक खत जिंदगी के नाम 0

एक पुराना खत जिंदगी के नाम

ज़िंदगी में कुछ चीजें कभी बदलती नहीं हैं। जैसे कि यह खत जो 2018 में मैंने ज़िंदगी के नाम लिखा था। आज फेसबुक ने याद दिलाया तो लगा कि यह तो आज भी प्रासंगिक...

किताब चर्चा: लौट आया नरपिशाच 3

सस्पेंस थ्रिल से भरपूर है लेखक देवेन्द्र प्रसाद का उपन्यास ‘लौट आया नरपिशाच’

किताब: लौट आया नरपिशाच | प्रकाशक: फ्लाईड्रीम्स प्रकाशन | पुस्तक लिंक: अमेज़न कहानी ‘लौट आया नरपिशाच’ एक केंद्र में एक ऐसा नरपिशाच है जिसका आतंक पिछले सौ सालों से चौहड़पुर नामक एक गाँव में...

हारुल प्यारी छुमा - पोस्टर 0

सफर हारुल ‘मेरी प्यारी छुमा’ के बनने का

नमस्कार दोस्तों अगर आप मुझे जानते हैं या मेरे लेखन को पढ़ते आए हैं तो आप यह बात भी जानते होंगे कि मैं लेखन के साथ-साथ गायन भी करती हूँ। जहाँ हिंदी और गढ़वाली...

आज दिवस मेरी माँ का आया | सुजाता देवराड़ी | हिन्दी कविता 4

आज दिवस मेरी माँ का आया | सुजाता देवराड़ी | हिन्दी कविता

आज दिवस मेरी माँ का आया।आजाद हुए सब, भारत कहलाया।इस धरती की पुण्य भूमि में।धन्य हुए हम, जन्म जो पायाआज दिवस मेरी माँ का आया। कई दुःख सहे, कई पीड़ा झेली।वीर सपूतों ने, फाँसी...

माँ तेरी याद में 3

माँ तेरी याद में

माँ तेरी याद में हर पल ये खुद से कहती हूँ इतना सुन्दर रूप सलोना, मन पावन गंगा तेरा। तेरे होने से ये सारा संसार है माँ,हर आस, भाव, ममता की साँस है माँ...

लाइफ कोट - life quotes 1

जज़्बात

नदी मांझी तरंग किनारे पत्थर सब अपनी जगह अपने क़िरदारों को बाखूबी निभा रहे हैं, फिर जज़्बातों का तूफान अपने इरादों को भूलने की गलती कैसे कर सकता है। -सुजाता देवरारी Nadi manjhi tarang...