Author: सुजाता देवराड़ी

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गाँव की यादें

गाँव की यादें गाँव की यादें बुलाये मुझे, घर आजा, घर आजा पुकारे मुझे | वो बचपन का खेला, वो मिटटी का ठेला | खेतों मैं जाकर, वो छुपना छिपाना || वो तितली पकड़कर,...

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बढ़ती जनसंख्या एक गंभीर समस्या

“जग में कुछ मुश्किल ना है।  विघ्न है तो हल भी है।। “ दुनियां में इम्पॉसिबल कुछ भी नहीं है, हम अगर मेहनत और लगन से कुछ करने की ठान ले तो। सफलता जरूर...

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पेन्सिल बॉक्स (लाइफ मैं कुछ चीज़ें कितनी यूनीक होती है )

लाइफ मैं कुछ चीज़ें कितनी यूनीक होती है न? और सबसे बड़ी बात की वो चीज़ें हमारी लाइफ मैं एक बहत इम्पोर्टेंट रोल प्ले करती है…. हमें बच्चे से बड़ा बनने तक, हमारी लाइफ...