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मेरे लेख:

  • कैसे तैयार होता है एक गीत?
    Post Views: 65 गीत संगीत का हमारी ज़िंदगी से जुड़ाव और लगाव एक अलग क़िस्म का होता है जिसे एक शब्द में बयाँ कर पाना मुश्किल है। वहीं इसी गीत संगीत की पसंद ना...
  • मकर संक्रांति कब और क्यों मनाई जाती है
    Post Views: 121 भारत एक संस्कृतियों का देश है जहाँ हर जगह के अपने अपने रीति रिवाज और संस्कृति है। उन्हें मनाने के अपने अपने तरीके है। अपनी बोली भाषा है अपनी वेशभूषा और...
  • जौनसार का लोकगीत हारुल
    Post Views: 33 जौनसार आज भी अपनी पौराणिक संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहाँ के लोगों में आपसी प्रेम और सोहार्द की भावना आज भी ज्यों की त्यों है। इसी का एक उदाहरण...

मेरी कहानियाँ:

  • ढाई दिन की तनख्वाह
    Post Views: 20 सुनो ! जरा दो चार सौ रुपये होंगे? मदन ने शीशे में खुद की कमीज (शर्ट) को देखकर अपनी पत्नी शीला से कहा। शीला मदन के लिए टिफिन लेकर कमरे में...
  • अनजाना सा एक चेहरा
    Post Views: 52 “पहली दफ़ा कुछ ऐसा हुआ, दिल ने एक चुगली दिमाग़ से की।उस गली में कोई ख़ास नूर तो नहीं था, उस शीशे में खड़ी कोई हूर तो थी।।”   बस यही...

मेरी कवितायें:

  • बस हम हो वहाँ : विकास नैनवाल ‘अंजान’
    Post Views: 15 एक मैं हूँएक तुम होऔर बस हम हों वहाँ न हो दिन की खबरन हो वक्त का पताबस एक दूसरे में डूबे हुए हमकुछ ऐसे हो जायेंजैसे हो जाती हैं दो...
  • पंदेरा धार पंदेरा
    Post Views: 44 पंदेरा धार पंदेराबहता जाए जल धार पंदेरातू चंचल, शांत, गुस्सेल कभीतू ही प्यास बुझाए धार पंदेराहे धार कहाँ उद्गम कहाँ अंत तेरादिखता कण कण में अंश तेराधरती की गोद में इठलाती...
  • क्या है ज़िंदगी
    Post Views: 29 किसी के लिए ज़िंदगी दो दिन का मेला है। किसी के लिए ज़िंदगी चार दिन की चाँदनी । किसी के लिए ये ज़िंदगी चंद लम्हों की की खुशी है। लेकिन सच...

हाल के पोस्ट्स:

  • बस हम हो वहाँ : विकास नैनवाल ‘अंजान’
    Post Views: 15 एक मैं हूँएक तुम होऔर बस हम हों वहाँ न हो दिन की खबरन हो वक्त का पताबस एक दूसरे में डूबे हुए हमकुछ ऐसे हो जायेंजैसे हो जाती हैं दो...
  • फ़रमाइश-कुछ नमकीन खाने की
    Post Views: 8 कभी कभी ऐसा होता है कि जब आपका नाश्ता बहुत भारी हो जाए तो दिन का खाना आप नजरंदाज ही करते हो। आजकल मेरे और विकास के साथ भी यही हो...
  • स्वादिष्ट तिल के लड्डू
    Post Views: 11 परिचय-हम लोग अक्सर अपने खाने के लिए बाज़ार से बनी चीज़ें खरीद कर लाते हैं जो बहुत ज्यादा महंगी होने के साथ साथ फायदेमंद भी नहीं होती है। मैं ये नहीं...
  • पंदेरा धार पंदेरा
    Post Views: 44 पंदेरा धार पंदेराबहता जाए जल धार पंदेरातू चंचल, शांत, गुस्सेल कभीतू ही प्यास बुझाए धार पंदेराहे धार कहाँ उद्गम कहाँ अंत तेरादिखता कण कण में अंश तेराधरती की गोद में इठलाती...
  • कैसे तैयार होता है एक गीत?
    Post Views: 65 गीत संगीत का हमारी ज़िंदगी से जुड़ाव और लगाव एक अलग क़िस्म का होता है जिसे एक शब्द में बयाँ कर पाना मुश्किल है। वहीं इसी गीत संगीत की पसंद ना...
  • क्या है ज़िंदगी
    Post Views: 29 किसी के लिए ज़िंदगी दो दिन का मेला है। किसी के लिए ज़िंदगी चार दिन की चाँदनी । किसी के लिए ये ज़िंदगी चंद लम्हों की की खुशी है। लेकिन सच...
  • बूँदें तो आख़िर बूँदें होती है.
    Post Views: 50 बूँदें तो आख़िर बूँदें होती है.   क्या अजीब खेल है इन बूंदों का, कुछ कभी बारिश बनकर, ज़मीं को हरा -भरा कर देती है । तो कभी आंसू बनकर आँखों...
  • मकर संक्रांति कब और क्यों मनाई जाती है
    Post Views: 121 भारत एक संस्कृतियों का देश है जहाँ हर जगह के अपने अपने रीति रिवाज और संस्कृति है। उन्हें मनाने के अपने अपने तरीके है। अपनी बोली भाषा है अपनी वेशभूषा और...
  • जौनसार का लोकगीत हारुल
    Post Views: 33 जौनसार आज भी अपनी पौराणिक संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहाँ के लोगों में आपसी प्रेम और सोहार्द की भावना आज भी ज्यों की त्यों है। इसी का एक उदाहरण...
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