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मेरे लेख:

  • आग की लपेटों में जलती प्रकृति और उसकी गोद में तड़पते बेज़ुबान जीव
    Post Views: 103 क्या हालत हो गई है हमारे जंगलों की । उत्तराखंड में जगल बुरी तरह से जल कर राख हो रहे हैं। चारों तरफ आग देखकर ऑस्ट्रेलिया में हुए हादसे की दर्दनाक...
  • माँ का ख़याल(Maa Ka Khayal)
    Post Views: 81 आज कुछ पल सुकून के बैठी तो ख़याल आया कि, अपनी माँ की एक पेंटिंग बनाऊँ। पर जैसे ही कलम हाथ में ली तो दिल ने आवाज दी, कि तुम माँ...
  • कैसे तैयार होता है एक गीत?
    Post Views: 180 गीत संगीत का हमारी ज़िंदगी से जुड़ाव और लगाव एक अलग क़िस्म का होता है जिसे एक शब्द में बयाँ कर पाना मुश्किल है। वहीं इसी गीत संगीत की पसंद ना...

मेरी कहानियाँ:

  • ढाई दिन की तनख्वाह
    Post Views: 48 सुनो ! जरा दो चार सौ रुपये होंगे? मदन ने शीशे में खुद की कमीज (शर्ट) को देखकर अपनी पत्नी शीला से कहा। शीला मदन के लिए टिफिन लेकर कमरे में...
  • अनजाना सा एक चेहरा
    Post Views: 65 “पहली दफ़ा कुछ ऐसा हुआ, दिल ने एक चुगली दिमाग़ से की।उस गली में कोई ख़ास नूर तो नहीं था, उस शीशे में खड़ी कोई हूर तो थी।।”   बस यही...

मेरी कवितायें:

  • माँ तेरी याद में
    Post Views: 59 माँ तेरी याद में हर पल ये खुद से कहती हूँ इतना सुन्दर रूप सलोना, मन पावन गंगा तेरा। तेरे होने से ये सारा संसार है माँ,हर आस, भाव, ममता की...
  • गुलाबी धूप | हिन्दी कविता
    Post Views: 89 ठिठुरती ठंड में तेरा गुलाबी धूप सा मुझे छूकर मेरे कानों में धीमें से मुझे पुचकारनाऔर कहना कि मुझे प्यार की बेल सा तुमसे लिपटना है। सिमटती रात में तेरे दहकते...
  • बस हम हो वहाँ : विकास नैनवाल ‘अंजान’
    Post Views: 90 एक मैं हूँएक तुम होऔर बस हम हों वहाँ न हो दिन की खबरन हो वक्त का पताबस एक दूसरे में डूबे हुए हमकुछ ऐसे हो जायेंजैसे हो जाती हैं दो...

हाल के पोस्ट्स:

  • माँ तेरी याद में
    Post Views: 59 माँ तेरी याद में हर पल ये खुद से कहती हूँ इतना सुन्दर रूप सलोना, मन पावन गंगा तेरा। तेरे होने से ये सारा संसार है माँ,हर आस, भाव, ममता की...
  • जज़्बात
    Post Views: 31 नदी मांझी तरंग किनारे पत्थर सब अपनी जगह अपने क़िरदारों को बाखूबी निभा रहे हैं, फिर जज़्बातों का तूफान अपने इरादों को भूलने की गलती कैसे कर सकता है। -सुजाता देवरारी...
  • तेरा इश्क़
    Post Views: 31 ये कैसा अजीब धोखा है तेरे इश्क़ का बेहोश होने पर हँसाती है और होश आने के बाद रुलाती है । ye kaisa ajeeb dhokha hai tere ishq kabehosh hone par...
  • गहरा इश्क़
    Post Views: 79 “लगता है कल मुद्दत से मुलाक़ात उनसे फिर पुरानी सी हुई। चेहरे पर इश्क़ बहुत गहरा चढ़ा है, आज ये आईने ने मुझसे कहा।” © सुजाता देवराड़ी
  • गलतियाँ
    Post Views: 52 गलतियाँ पेड़ के सूखे पत्तों की तरह होती हैं, जब तक किसी का नुकसान नहीं करती तब तक हरी भरी रहकर पेड़ से जुड़ी रहती हैं। लेकिन जब वो अपनी सीमाएँ...
  • झूठे दिखावे
    Post Views: 49 तुमने ज़िंदा रहते जाति-धर्म की जो खोखली लंका खड़ी की थी न आज उसी लंका के नीचे अग्नि को साक्षी मानकर सब जाति धर्म तो एक हो गए मगर तुम ना...
  • कद्र (Kadar)
    Post Views: 35 अगर किसी की कद्र करनी है तो उसके रहते करो । अगर किसी को अच्छा साबित करना है उसके रहते करो। किसी में खूबियाँ ढूँढने के लिए उसका आपसे दूर जाना...
  • संजय राणा-sanjay rana (कहाँ तुम चले गए)
    Post Views: 29 निशब्द हूँ !न केवल मैं, बल्कि हर वो शख़्स जो आपसे कभी रूबरू हुआ था।निःशब्द है हर वो गीत जिनमें मधुरता के साथ साथ आपकी छवी झलकती थी।निशब्द है संगीत की...
  • आग की लपेटों में जलती प्रकृति और उसकी गोद में तड़पते बेज़ुबान जीव
    Post Views: 103 क्या हालत हो गई है हमारे जंगलों की । उत्तराखंड में जगल बुरी तरह से जल कर राख हो रहे हैं। चारों तरफ आग देखकर ऑस्ट्रेलिया में हुए हादसे की दर्दनाक...
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