वो याद पुराना मौसम आया
कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है कि कोई ऐसी याद जेहन में वापस तरोताज़ा हो जाती है जिसे हम वक़्त की रफतार में कहीं भूल से गए होते हैं।
कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है कि कोई ऐसी याद जेहन में वापस तरोताज़ा हो जाती है जिसे हम वक़्त की रफतार में कहीं भूल से गए होते हैं।
मिला जुला एहसास था यार (मिक्स फीलिंग्स)। समझ ही नहीं आ रहा था कैसे नए लोगों के बीच खुद को मैनेज करूँगी। ऊपर से अपने माँ, बाबा, भाई, बहन और दोस्तों से अलग होने...
जरूरी नहीं कि प्यार सिर्फ दो लोगों के बीच हो। इश्क़ इश्क़ है किसी से भी हो सकता है। जैसे मुझे मुझसे और मुझसे जुड़ी उन तमाम चीजों से इश्क़ है जो मुझे पूरा...
बहुत दिनों से गर्मी अपने उफ़ान पर थी कि अचानक बादलों ने बिना कोई शोर किये इस सूनी धरती को भिगोकर तर कर दिया। इन बारिश की बूँदों में वो तड़प थी कि अपने...