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मेरे लेख:

मेरी कहानियाँ:

  • ढाई दिन की तनख्वाह
    Post Views: 77 सुनो ! जरा दो चार सौ रुपये होंगे? मदन ने शीशे में खुद की कमीज (शर्ट) को देखकर अपनी पत्नी शीला से कहा। शीला मदन के लिए टिफिन लेकर कमरे में...
  • अनजाना सा एक चेहरा
    Post Views: 96 “पहली दफ़ा कुछ ऐसा हुआ, दिल ने एक चुगली दिमाग़ से की।उस गली में कोई ख़ास नूर तो नहीं था, उस शीशे में खड़ी कोई हूर तो थी।।”   बस यही...

मेरी कवितायें:

हाल के पोस्ट्स:

  • वो याद पुराना मौसम आया
    कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है कि कोई ऐसी याद जेहन में वापस तरोताज़ा हो जाती है जिसे हम वक़्त की रफतार में कहीं भूल से गए होते हैं।
  • मृणाल रतूड़ी के नए गीत में दिखा पिता पुत्र का मार्मिक प्रेम
    Post Views: 87 एक समय वो था जब नरेंद्र सिंह नेगी के गानों को सुनकर सुकून महसूस होता था, क्योंकि उनके गाने ज़िंदगी से जुड़े हुए महसूस होते थे। फिर गानों के स्वरूप में...
  • शादी के बाद नई ज़िंदगी कैसी लगी?
    Post Views: 18 मिला जुला एहसास था यार (मिक्स फीलिंग्स)। समझ ही नहीं आ रहा था कैसे नए लोगों के बीच खुद को मैनेज करूँगी। ऊपर से अपने माँ, बाबा, भाई, बहन और दोस्तों...
  • एक नई दोस्ती
    Post Views: 18 जरूरी नहीं कि प्यार सिर्फ दो लोगों के बीच हो। इश्क़ इश्क़ है किसी से भी हो सकता है। जैसे मुझे मुझसे और मुझसे जुड़ी उन तमाम चीजों से इश्क़ है...
  • बरसात ने जोड़ी नई याद
    Post Views: 9 बहुत दिनों से गर्मी अपने उफ़ान पर थी कि अचानक बादलों ने बिना कोई शोर किये इस सूनी धरती को भिगोकर तर कर दिया। इन बारिश की बूँदों में वो तड़प...
  • अलविदा 2022, सुस्वागतम 2023
    Post Views: 65 ख़त्म हो गया एक साल और शुरू हो गया नया सालकुछ ख्वाहिशें पूरी हुई और नई उम्मीदों का हुआ आगाज़।खट्टी मीठी यादों की बीत गई सब बातें, अब होगा नया अंदाज।रफ्ता...
  • नया अनुभव- युवा सोच और नये विचारों के साथ अनिरुद्ध काला से हुई रु-बरु
    Post Views: 262 हमारी ज़िंदगी में अलग-अलग अनुभवों का होना हमें परिपक्वता की ओर बढ़ाते जाना होता है। भिन्न-भिन्न लोगों की भिन्न-भिन्न सोच से वाकिफ़ होना और उस सोच से हमें और आपको क्या...
  • ललकार- एक नए दौर की | हिन्दी कविता
    चित्र आभार- google.com
  • एक पुराना खत जिंदगी के नाम
    Post Views: 161 ज़िंदगी में कुछ चीजें कभी बदलती नहीं हैं। जैसे कि यह खत जो 2018 में मैंने ज़िंदगी के नाम लिखा था। आज फेसबुक ने याद दिलाया तो लगा कि यह तो...
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