यादें -ऋषि कपूर की - अलविदा Rishi Kapoor 3

यादें -ऋषि कपूर की – अलविदा Rishi Kapoor

ज़िंदगी का खेल कभी-कभी समझ के परे होता है जो ना सुख का हिस्सा होता है ना दुख का, बस अफ़सोस के ही इर्द गिर्द चक्कर लगाता है। कभी लगता है ये ज़िंदगी वाक़ई में दो दिन का खेल है जिसमें इंसान अपने हिस्से का अभिनय करके चला जाता है। रह जाती है तो सिर्फ यादें।

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बैसाखी मेला

Post Views: 569 बैसाखी का त्यौहार आने वाला  हैं। मगर हर साल की तरह, इस बार ये त्यौहार पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाना संभव नहीं है। क्योंकि देश एक बहुत बड़े संकट से...

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जलन- आप जल तो लोगे

Post Views: 254 हम लोग अपनी ज़िंदगी में कितने स्वार्थी क़िस्म  के हो गए हैं ना..? ये मेरा वो मेरा, इसका-उसका,  ये “मैं” नामक अहंकार हमको दिन ब दिन जकड़ते जा रहा रहा है। मुझे...

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अल्फ़ाज़ों को निकलने दो

Post Views: 10 अल्फ़ाज़ों का हमारी ज़िंदगी में बहुत महत्वपूर्ण क़िरदार होता है। वो हमें हमारे रिश्तों से जोड़े रखता है। उन्हे समेटे रखता है। लेकिन कभी गुस्से या मज़ाक में निकले वही अल्फ़ाज़...

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ढाई दिन की तनख्वाह

Post Views: 77 सुनो ! जरा दो चार सौ रुपये होंगे? मदन ने शीशे में खुद की कमीज (शर्ट) को देखकर अपनी पत्नी शीला से कहा। शीला मदन के लिए टिफिन लेकर कमरे में...

दिल की आरज़ू 0

दिल की आरज़ू

Post Views: 43 तेरा मन चंचल है मैं जानता हूँ। पर तू मेरी जात से वाकिफ़ न ही हो तो बेहतर है।। हँसते, मुस्कुराते, स्वस्थ रहिये। ज़िन्दगी यही है।    आप मुझसे इस आईडी...

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करोना वायरस -डरना मना है

Post Views: 95 डरना मना है।  मिलके ही लड़ना है। भीड़ से बचना है। सफाई से रहना है। हाथों को धोना है। हँसके भगाना है। मौत का सपना, जो लेकर ये आया। मुंह के...

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इज़हार-ए-मोहब्बत

Post Views: 24 इन गालों पे मेरे,तेरी हथेली के छाप छपे हैं।  इज़हार-ए-मोहब्बत, जब से तेरा दीदार किये हैं।  सबकी नज़रों से तुझे बचाने के, तमाम जतन कर लिए।  पर पलकें मेरी ही चोरी...