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अकेले ही ठीक है।

Post Views: 15 वैसे इंसान अकेले ही ठीक है।      क्योंकि साथी के साथ कई क़िस्म के ताने, और अंजानी उम्मीदें भी मिलती है। कुछ न कहो तो तुम मुझपे, हक़ ही नहीं...

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मैं तप रही थी

Post Views: 17 मैं तप रही थी घास के, उन पत्तों पर अंगार सी। थी अकेली सोच उस पल, जैसे हवा गुब्बारों सी ।। चीखी मैं चिल्लाई भी, हिम्मत थी जब तक आखों में।...

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तेरा आँगन सजा करता था ।

Post Views: 51 कभी तेरा बनाया ये, आंगन सजा करता था । आज इनके पैरों पर ,जमी काई है।।कभी तेरी गोदी ने सबको, सहारा दिया था । आज ममता की वही आस, पड़ी खाली...

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वसंत पंचमी-एक पौराणिक उत्सव

Post Views: 81 वसंत पंचमी, नाग पंचमी  सरस्वती मंत्र –सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी, विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु में सदा।   हर वर्ष की तरह वसंत पंचमी आज पूरे भारत में बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास  के...

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गाँव और शहर

Post Views: 99 शहर-ए गाँव  ! तेरा धन्यवाद।  तू सुंदर गाँव ना होता, तो मैं बड़ा शहर ना होता। तेरे खेतों की मेहनत ना होती, तो मेरी दुकानों का पेट ना भरता । अगर तू...