गाँव और शहर
Post Views: 99 शहर-ए गाँव ! तेरा धन्यवाद। तू सुंदर गाँव ना होता, तो मैं बड़ा शहर ना होता। तेरे खेतों की मेहनत ना होती, तो मेरी दुकानों का पेट ना भरता । अगर तू...
Post Views: 99 शहर-ए गाँव ! तेरा धन्यवाद। तू सुंदर गाँव ना होता, तो मैं बड़ा शहर ना होता। तेरे खेतों की मेहनत ना होती, तो मेरी दुकानों का पेट ना भरता । अगर तू...
Post Views: 105 क्या तकनीकी का उपयोग पूरी तरह से हमारे हित में है ? आज हम लोग तकनीकी के उस दौर में हैं जहां हर चीज कंप्यूटर से जुड़ी हुई है । इसके...
Post Views: 96 “पहली दफ़ा कुछ ऐसा हुआ, दिल ने एक चुगली दिमाग़ से की।उस गली में कोई ख़ास नूर तो नहीं था, उस शीशे में खड़ी कोई हूर तो थी।।” बस यही...
Post Views: 509 उत्तराखंड में वनाग्नि चीरते हुए अंधकार को जब एक दिए की लौ रौशन करती है तो बेहद ख़ूबसूरत लगती है। हवन की चिंगारी जब हवा में उड़ती हैं तो भी संतोषजनक...
Post Views: 480 “ये तय है कि वजह दोष का, ज़रिया न था वो। पर गले ग़लतफ़हमियों ने, सवालों की ताबीज पहना दी।” कभी कभी दिल बड़ा शायराना हो जाता है. वही आज मेरा...
Post Views: 120 आदिकाल से ही इनसान घुमक्क्ड प्रवृति का रहा है। घुमक्क्ड़ी हमे विरासत में मिली है। आज भी शायद ही कोई हो जिसे घूमना पसंद ना हो। आज के दौर में तो...
Post Views: 33 शोध क्यों जरुरी है? Image by Free-Photos from Pixabay आजकल हर कोई किसी न किसी विषय पर शोध करता ही रहता है। लेकिन कभी-कभी बिना सोचे समझे, बिना जाने पहचाने शोध...
Post Views: 38 ये दिल तुम बिन ये दिल तुम बिन कुछ कहता नहीं, कुछ सुनता नहीं कहीं रुकता नहीं। ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं, कुछ सुनता नहीं कहीं रुकता नहीं।। साँसे...