झूठे दिखावे
Post Views: 167 तुमने ज़िंदा रहते जाति-धर्म की जो खोखली लंका खड़ी की थी न आज उसी लंका के नीचे अग्नि को साक्षी मानकर सब जाति धर्म तो एक हो गए मगर तुम ना...
कद्र (Kadar)
Post Views: 75 अगर किसी की कद्र करनी है तो उसके रहते करो । अगर किसी को अच्छा साबित करना है उसके रहते करो। किसी में खूबियाँ ढूँढने के लिए उसका आपसे दूर जाना...
संजय राणा-sanjay rana (कहाँ तुम चले गए)
Post Views: 184 निशब्द हूँ !न केवल मैं, बल्कि हर वो शख़्स जो आपसे कभी रूबरू हुआ था।निःशब्द है हर वो गीत जिनमें मधुरता के साथ साथ आपकी छवी झलकती थी।निशब्द है संगीत की...
आग की लपेटों में जलती प्रकृति और उसकी गोद में तड़पते बेज़ुबान जीव
Post Views: 212 क्या हालत हो गई है हमारे जंगलों की । उत्तराखंड में जगल बुरी तरह से जल कर राख हो रहे हैं। चारों तरफ आग देखकर ऑस्ट्रेलिया में हुए हादसे की दर्दनाक...
माँ का ख़याल(Maa Ka Khayal)
Post Views: 349 आज कुछ पल सुकून के बैठी तो ख़याल आया कि, अपनी माँ की एक पेंटिंग बनाऊँ। पर जैसे ही कलम हाथ में ली तो दिल ने आवाज दी, कि तुम माँ...
गुलाबी धूप | हिन्दी कविता
Post Views: 434 ठिठुरती ठंड में तेरा गुलाबी धूप सा मुझे छूकर मेरे कानों में धीमें से मुझे पुचकारनाऔर कहना कि मुझे प्यार की बेल सा तुमसे लिपटना है। सिमटती रात में तेरे दहकते...
बस हम हो वहाँ : विकास नैनवाल ‘अंजान’
Post Views: 149 एक मैं हूँएक तुम होऔर बस हम हों वहाँ न हो दिन की खबरन हो वक्त का पताबस एक दूसरे में डूबे हुए हमकुछ ऐसे हो जायेंजैसे हो जाती हैं दो...